कपिल सिब्बल को कल्पना में भी दिख रहे वामदल

सिब्बल ने यूपीए-1 से समर्थन वापस लेने वाले वामदलों से अपनी विचारधारा पर पुनर्विचार करने को कहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि माइ वर्ल्ड विदिन 67 कविताओं का संग्रह है। इन्हें उन्होंने मंत्री पद पर रहते हुए अपनी यात्राओं के दौरान सेलफोन पर लिखा था। सिब्बल ने कहा, यह किताब वर्तमान समय को लेकर है, जब विश्व संक्रमण के दौर से गुजर रहा है और विश्व अर्थव्यवस्था की हालत खराब है। आतंकी हमले हो रहे हैं और राजनीति में हलचल है।
वकील से राजनेता बने सिब्बल ने कहा किउनके पीछे कोई प्रेरक शक्ति नहीं है, लेकिन आसपास की घटनाओं ने उन्हेंकवि बना दिया। उनकी कविता द बाजार ऑफ पॉलिटिक्स और द फिसल लेफ्ट में राजनीति की निंदा की गई है। इसके साथ ही मंत्री ने समकालीन राजनीति, वैश्विक अर्थव्यवस्था, आतंकवादियों के परेशान दिमाग और और दबे कुचले लोगों की पीड़ा के बारे में जिक्र किया है। प्रेजुडिस नाम की कविता में सिब्बल ने अनिश्चित दुनिया में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के एक सदस्य के भय के बारे में लिखा है। उन्होंने कहा,यह स्थान शायद गुजरात हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications