एनआरएचएम घोटाले में मौतों की जिम्मेदार यूपी सरकार
प्रियंका गांधी ने कहा कि एनआरएचएम योजना में गरीबों के इलाज के लिये पैसा आया था लेकिन उसका दुरूपयोग किया गया। पैसे खा लिये गये और लोगों का सही ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है। केन्द्र के पैसों का जमकर बंदरबाट किया गया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मी महेन्द्र शर्मा की मृत्यु को दुखद बताया और कहा कि उनकी संवेदना स्वास्थ्यकर्मी के बच्चों के साथ है। दूसरी ओर स्वास्थ्यकर्मी के परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताई है।
उसकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके पति की हत्या की गयी है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिये। बुधवार को राज्य के लखीमपुर जिले में उसकी लाश पायी गयी थी। पुलिस का कहना है कि उसने आत्महत्या की है। गौरतलब है कि हजारों करोड़ रूपयों के एनआरएचएम घोटाले में अब तक चार जाने जा चुकी हैं। दो मुख्य चिकित्साधिकारी डा.विनोद आर्य की गत 29 अक्टूबर 2010 और डा.बी पी सिंह 2 अप्रैल 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी जबकि उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा.वाई.एस सचान की लखनऊ जेल में गत 22 जून को संदिग्ध परिस्थितयों में मत्यु हो गई थी। घोटाले और डाक्टरों की मृत्यु की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो कर रही है और इसमें कई अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इसी घोटाले की वजह से मु यमंत्री मायावती ने अपने दो मंत्रियों बाबू सिंह कुशवाहा और अनन्त कुमार मिश्रा का इस्तीफा ले लिया था। बसपा से निष्कासित होने के पहले कुशवाहा ने सबसे ताकतवर मंत्री नसीमुद्दान सिद्दीकी, मंत्रिमंडलीय सचिव शशांक शेखर ङ्क्षसह और गृह विभाग के प्रमुख सचिव कुंवर फतेह बहादुर से अपनी जान को खतरा बताया था। कुशवाहा विधान सभा के चुनाव में भाजपा का प्रचार कर रहे हैं। उन्हें भाजपा में शामिल किये जाने पर भी खूब बवाल हुआ था।













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