ईरान में बना था ईजराइली दूतावास की कार पर फेंका गया बम

जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां दिल्ली से ईरान, पाकिस्तान और मध्य पूर्व के अन्य देशों को की गई फोन कॉल भी खंगाल रही हैं। मोटरसाइकिल से पीछा कर कार पर मैग्नेटिक बम चिपकाने वाले युवक की तलाश में रात भर छापेमारी भी की गई। वहीं, भारतीय जांच एजेंसियों को थाईलैंड और जॉर्जिया से भी वहां हुई इसी तरह की हमले की कोशिशों के संबंध में जानकारी मिल गई है।
सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि नई दिल्ली इलाके से पिछले कुछ दिनों में की गई कॉलों की जांच भी की जा रही है कि कहीं इनमें से किसी कॉल का हमले से कोई संबंध तो नहीं है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम खान मार्केट इलाके से ईरान, लेबनान और पाकिस्तान को की गई कॉलों की खास तौर पर जांच कर रहे हैं। हमले में निशाना बनने से पहले इस्राइली राजनयिक ताल येहोशुआ कोरेन ने इस इलाके में ही अपने पति के साथ लंच किया था। हालांकि कार पर बम चिपकाने वाले युवक की तलाशी में की गई छापेमारी में पुलिस को खास सफलता नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीके गुप्ता ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में ही है। हमें सीएफएसएल की रिपोर्ट का भी इंतजार है, जिससे धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक की जानकारी मिल सकती है।
पुलिस दिल्ली में रह रहे ईरान, लेबनान और जॉर्डन के लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही इस संभावना पर भी विचार किया जा रहा है कि किसी विदेशी आतंकी संगठन ने यह काम स्थानीय आतंकियों से कराया हो। वहीं, जॉर्जिया और थाईलैंड ने अपने यहां हुई घटनाओं के जिम्मेदार संदिग्ध संगठनों और लोगों के बारे में जानकारी दी है। जॉर्जिया की राजधानी तिब्लिसी में इस्राइली दूतावास के पास खड़ी कार में रखे बम को निष्क्रिय कर हमले को नाकाम कर दिया गया था। वहीं बैंकॉक में तीन धमाके करने के आरोप में तीन ईरानी युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
उधर, कार पर सोमवार को हुए हमले में घायल हुईं इस्राइली महिला राजनयिक ताल येहोशुआ की हालत में सुधार आ रहा है। अस्पताल से उन्हें जल्द ही छुट्टी मिल सकती है। ताल भारत में इस्राइल के डिफेंस अटैची की पत्नी भी हैं। प्राइमस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती 40 वर्षीय ताल की स्पाइन और लिवर की सर्जरी की गई है। उनका इलाज कर रहे डॉ. अरुण बहनोट ने बताया कि ताल की हालत स्थिर है। उन्हें एक दिन और आईसीयू में रखा जाएगा। सेहत में सुधार आया तो हम उन्हें उनके कमरे में भेज देंगे। उन्हें बताया कि धमाके से निकले छर्रे ताल के शरीर में घुस गए थे। इनमें से सिर्फ एक को ही निकाला जा सका है। बाकी बहुत छोटे हैं। इन्हें निकाला नहीं जा सकता। इनसे ताल को कोई परेशानी नहीं होगी। ताल की मां जाफिरा कोरेन भी दिल्ली पहुंच गई हैं।
दिल्ली, जॉर्जिया और बैंकाक में हुई आतंकी वारदात की साजिश की सूई खाड़ी के देशों की तरफ ही घूमती दिख रही है। सरकार के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक इन घटनाओं की पीछे ईरान के सरकारी तंत्र का सीधे हाथ भले नहीं हो, लेकिन ईरान से हमदर्दी रखने वाले गुट इसे अंजाम दे सकते हैं। खुफिया एजेंसी रॉ को जॉर्जिया और बैंकाक की ओर से मिली जानकारी से साजिश की तस्वीर कुछ साफ हो रही है। बैंकाक के हमले में ईरानी नागरिकों की गिरफ्तारी ने भी एजेंसियों को जांच इस दिशा में बढ़ाने की वजह दे दी है। दिल्ली में अपने राजनयिक पर हमले के बाद इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसके लिए सीधे तौर पर ईरान और हिजबुल्ला गुट को जिम्मेवार ठहरा दिया था। अब इस्राइल ने भारत को यह भी बता दिया है कि हमले में इस्तेमाल किया गया बम ईरान में बना था। लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसी का ईरान का सीधा नाम लेने से बच रही हैं।












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