फतेहाबाद को फुकुशिमा नहीं बनने देना चाहते

प्रदर्शन करने वाले अपने हाथ में परमाणु संयंत्र धोखा है धक्का मारो मौका है, खतरनाक परमाणु ऊर्जा कभी नहीं कभी नहीं, परमाणु ऊर्जा मौत के समान अक्षय ऊर्जा जिंदगी के समान है, आदि नारों से लिखी हुई तख्तियां लिए हुए थे। लालबती चौक से शुरु हुआ प्रदर्शन लघु सचिवालय जाकर समाप्त हुआ।
प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों का कहना था कि यह मामला अब केवल तीन गांवों का मामला न होकर पूरे क्षेत्र के अस्तित्व का सवाल है। उनका कहना था कि वर्तमान समय में समूचे विश्व में परमाणु ऊर्जा पर सवाल उठ रहे हैं वहीं भारत सरकार अपने देशवासियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही।
फुकुशिमा की दुघर्टना को देखते हुए जो लोग परमाणु संयंत्र लगाने का समर्थन कर रहे थे उन लोगों ने भी इसका विरोध करना शुरु कर दिया है। प्रदर्शन में किसान संघर्ष समिति, परमाणु विरोधी मोर्चा, आजादी बचाओ आंदोलन, डॉ. राजेंद्र शर्मा, डॉ. सॉम्या दत्ता, यशवीर आर्य मास्टर रिछपाल, रामसिंह बिश्नोर्ई, ओमप्रकाश शर्मा, निहाल सिंह मताना, रामचंद्र, चंद्र सोनी, सतपाल, सत्यापाल रावल, अनिल सिहाग, परमाणु संयंत्र विरोधी मोर्चा के जिला संयोजक सुभाष पूनिया के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया।












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