ठंड ने फरवरी में तोड़ा रिकार्ड, शनिवार से पहले नहीं मिलेगी राहत

फरवरी के महीने में सर्दी के मौसम की सबसे ठंड रात कल गुजरी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फरवरी महीने में ठंड का मुख्य कारण मौसम विभाग पश्चिमी विच्छोभ के साथ ही पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी है। दिल्ली की सर्दी एक बार फिर सताने लगी है। पारा लगतार लुढ़क रहा है। बृहस्पतिवार देर रात पारा लुढ़कर चार डिग्री तक पहुच गया।
ठंडी हवा चलने के कारण लोगों के हाड़ तक कंपा दिए। दिल्ली ही नहीं करनाल, अमृतसर, हिंसार, पंजाब, हरियाणा का तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 48 घंटे तक इसी तरह की स्थिति रहेगी। हालांकि पश्चिमी विछोभ पूरब की तरफ चला गया है, लेकिन मंगलवार को एक बार फिर इस विच्छोभ के आने की संभावना है जिसके कारण 12 फरवरी को तापमान गिरेगा और बारिश भी होगी।
बुधवार को भी बारिश होने की संभावना है। उधर, फरवरी महीने में एक और घटना देखने को मिल रही है। पहाड़ पर बफबारी के कारण हवा और बर्फ के रेडियशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके कारण वसंत ऋतू के मौसम में ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गई है। मौसम विज्ञान के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम 9 डिग्री और न्यूनतम 4 डिग्री तापमान रहा। आज शुक्रवार को अनुमान है कि पारा अधिकतम 21 डिग्री और न्यूनतम 4 डिग्री रहेगा।
इसी तरह शनिवार को अधिकतम 22 और न्यूनतम 5 डिग्री रहेगा। रविवार को एक बार फिर दिल्ली वालों को बारिश सताने के लिए आ रहा है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेंटीग्रेड रहने की संभावना है। उधर हिमाचल में पिछली रात सीजन की सबसे ठंडी रात रही। प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में तापमान जमाव बिंदु से नीचे दर्ज किया गया। पालमपुर में भी न्यूनतम तापमान शून्य रिकार्ड गया। सबसे कम तापमान केलांग में 17.8 डिग्री सेल्सियस, कल्पा का -10.6 डिग्री सेल्सियस, मनाली का -7.4 , शिमला का -3.8, सोलन का -2.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि सीजन की सबसे ठंडी रात रही। हिमाचल के तीन दर्जन से ज्यादा सड़क मार्ग बंद रहे, राष्ट्रीय राजमार्ग 22 पर भी यातायात बाधित रहा। परिवहन निगम की दर्जनों बसें अभी तक फंसी हैं। हरिपुरधार में भारी बर्फबारी के कारण हरिपुरधार, संगड़ाह, कुपवी, रोनहाट सड़कें बंद पड़ी हैं। सोलन-मीनस मार्ग भी चुनवी तक खुला है। ताजा हिमपात के कुल्लू के ऊंचे क्षेत्रों के लोगों की दिक्कतें खासा बढ़ गई हैं। पाइप लाइनें जम जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। कुल्लू-मनाली वाम तट सड़क, मणिकर्ण बरशैणी, ब्यासर, भेखली तथा अन्य सड़कें यातायात के लिए बहाल कर दी गई हैं।












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