पानी से घिरे देश्ा मालदीव में राजनीतिक संघर्ष

गौरतलब है कि मालदीव में सेना और पुलिस की मिलीभगत होने के कारण वहां तख्तापलट किया गया है। इस पूरे पराक्रम के पीछे मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद वहीद का नाम सामने आ रहा है। पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने समाचार एजेंसी एएफपी को दिए साक्षात्कार में कहा कि विद्रोही पुलिस के समूह और सेना के अधिकारियों द्वारा उनसे जबरन इस्तीफा दिलवाया गया।
अपने बयान में उन्होंने कहा था कि वहीद हमेशा से देश की सत्ता पर काबिज होना चाहते थे। नशीद ने सत्ता पर जबरदस्ती काबिज होने वाले वहीद से राष्ट्रपति पद छोड़ने की बात कही। उन्होंने देश के शीर्ष न्यायाधीशों से सत्ता हथियाने वाले वहीद को सत्ता से हटाने की अपील की। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि हम देश में हर हाल में लोकतंत्र स्थापित करके रहेंगे।
उधन मालदीव की सेना ने अपना बयान जारी कर इस बात की सफाई दी है कि नशीद के सत्ता छोड़ने में उसकी कोई भूमिका है। राष्ट्रपति वहीद ने भी कहा है कि देश में अभी भी लोकतंत्र स्थापित है और तख्तापलट नहीं हुआ है। नशीद ममून अब्दुल गयूम के 30 सालों के तानाशाही शासन का अंत करते हुए 2008 में देश के राष्टपति बने थे। वह कई बार जेल में राजनैतिक कैदी के तौर पर बंद रहे हैं।
पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के समर्थकों द्वारा पुलिस थानों में तोड़फोड़ और सरकारी इमारतों में आगजनी की घटनाओं के बाद राष्टपति वहीद ने रक्षा और गृह मंत्रालय में दो आपातकालीन नियुक्तियां कीं। वहां अभी भी कई इलाकों में हिंसक घटनाएं हो रही हैं। जिन पर पुलिस और सेना के जवाब नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं।












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