'नितिन गडकरी नहीं बनना चाहते थे अध्यक्ष'

भागवत ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि गडकरी को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का निर्णय आरएसएस का नहीं था बल्कि उक्त पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुरोध पर संघ की भूमिका केवल एक मददगार की थी। उन्होनें कहा कि वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद राजनाथ सिंह के स्थान पर किसी अन्य को उनकी जगह नियुक्त करने को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी।
भागवत ने कहा कि सिंह की जगह सुझाए गए नामों में गडकरी का भी नाम शामिल था पर वे अपने व्यवसाय में व्यस्तता के कारण इसके लिए इच्छुक नहीं थे पर जब उन्हें पार्टी के निर्णय से संघ के माध्यम से अवगत कराया गया तो उनके पास भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।












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