पीजी प्रवेश पर हाईकोर्ट ने एम्स से मांगा जवाब

उम्मीदवारों का आरोप है कि नोएडा समेत अनेक केंद्रों से धोखाधड़ी आदि की खबरें आई हैं जो एक बड़े घोटाले का हिस्सा हैं। मामले में व्यापक जाच का अनुरोध करते हुए छात्रों ने अदालत से गुहार लगाई है कि अखिल भारतीय परास्नातक मेडिकल प्रवेश परीक्षा कराने वाले एम्स को 8 जनवरी को हुई परीक्षा निरस्त कराकर नए सिरे से इसका आयोजन करना चाहिए। छात्रों ने अपने अनुरोध में कहा कि केंद्र सरकार को एक प्रणाली बनानी चाहिए, जिसमें भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति होने से रोकी जा सके।
एम्स के वकील ने न्यायमूर्ति कोहली के समक्ष कहा कि केवल नोएडा केंद्र में गड़बड़ी सामने आई और तीन लोगों के पास कुछ इलेक्ट्रानिक उपकरण मिले थे। वकील ने बताया कि जाच का काम दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य सभी 155 केंद्रों पर परीक्षा शातिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। दलील सुनने के बाद न्यायमूर्ति कोहली ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तारीख मुकर्रर की।












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