इसरो के वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्यवाई बेतुकी

राव ने पीटीआई से कहा कि अगर वाकई कहीं कुछ गलत हुआ है तो आगे बढि़ए और कारवाई कीजिए (उनके खिलाफ)। आप उन्हें उनके बचाव का एक मौका भी नहीं देंगे? किन परिस्थितियों में वह (सौदे के लिए) तैयार हुए। हम क्या देश चला रहे हैं? उन्होंने किस आधार पर कार्रवाई की? उन्होंने इसरो के अध्यक्ष के राधाकृष्णन के उस बयान का स्वागत किया।
जिसमें उन्होंने उन दो रिपोर्टो को सार्वजनिक करने की बात कही थी, जिनके आधारपर इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर और तीन अन्य वैज्ञानिकों के कार्रवाई की गई, लेकिन दोनों समितियों को पहले स्थान पर रखे जाने पर आश्चर्य जताया। राव ने सवाल किया दो समितियां क्यों? दो रिपोर्ट क्यों? और कहा कि पांच सदस्यीय दल में सिर्फ प्रत्यूष सिन्हा और राधाकृष्णन के नाम सार्वजनिक हैं।
बाकी के तीन कौन हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि क्या इन दोनों समितियों में ठीक लोग हैं? तकनीकी का सवाल मुश्किल और जटिल है तथा अंतरिक्ष संचार लैंड लाइन संपर्क से पूरी तरह अलग होता है। उन्होंने कहा कि चार वैज्ञानिकों को बचाव का मौका दिए बगैर उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का असर इसरो और अंतरिक्ष कार्यक्रमो में फैसला लेने की प्रक्रिया पर पड़ेगा।












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