मायावती दलित विरोधी हैं: मुलायम
यही वजह है कि वर्ष 2007 में प्रदेश की सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री मायावती ने सपा के कार्यकाल में अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त 17 पसमांदा जातियों को दोबारा पिछड़ी जातियों में शामिल कर दिया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में शुरू की गयी कन्या विद्या धन समेत अनेक कल्याणकारी योजनाओं को बंद करके मायावती ने अपने जनविरोधी चेहरे को उजागर किया है। यादव ने आरोप लगाया कि मायावती ने जनता की गाढ़ी कमाई के धन को लूट कर देश की सबसे अमीर मुख्यमंत्री का खिताब हासिल किया है।
उन्होंने इल्जाम लगाया कि मायावती ने 40 हजार करोड़ रुपए खर्च करके पत्थर के हाथी और अपनी मूर्तियां लगवाकर राजकोष खाली कर दिया है। कांग्रेस को निशाना बनाने हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्टी की गलत नीतियों के कारण देश में बेरोजगारी बढ़ी है और बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिये बड़े उद्योग स्थापित करके कांग्रेस ने लघु तथा कुटीर उद्योगों को खत्म कर दिया है।













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