इतिहास की मदद से इतिहास बना पाएंगे बादल!

मतदान करने वालों की संख्या 70 प्रतिशत से अधिक तीन बार रह चुकी है। इससे पहले पंजाब में 1967 में 71.18 प्रतिशत, 1969 में 72.27 प्रतिशत और 2007 में 75.45 प्रतिशत मतदान 70 प्रतिशत से अधिक हुआ था जिसके बाद अकाली दल सत्ता में आया।
छह मौकों पर मतदान प्रतिशत 65 प्रतिशत से अधिक रहा और इनमें चार मौकों पर अकाली ही सरकार में आये। शेष दो मौकों पर कांग्रेस को सत्ता का स्वाद चखने को मिला। 65 प्रतिशत से कम मतदान की स्थिति में 1951, 1957, 1962 और 1980 में कांग्रेस सत्ता में आई।
1992 में अकालियों ने चुनाव का बहिष्कार किया था और कांग्रेस सत्ता में आई थी। तब सबसे कम मतदान हुआ था और महज 23.82 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। अब देखना है कि इतिहास की दम पर क्या अकाली दल इतिहास बना पाएंगे।












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