माया ही नहीं मुलायम की सरकार में भी हुआ एनआरएचएम घोटाला

सीएजी ने जो अपनी रिपोर्ट पेश की है उसके मुताबिक 2005 से लेकर 2007 के बीच मुलायम सिंह की सरकार में लगभग 1277 करोड़ के खर्च का कोई भी ब्यौरा नहीं मिला है। इसके अलावा 2007 से लेकर 2011 तक मायावती की सरकार में एनआरएचएम पर हुए लगभग 7380 करोड़ रुपए का कोई हिसाब नहीं है।
सीएजी ने यह भी कहा है कि एनआरएचएम की जिम्मेदारी जिस सोसाइटी को दी गई थी उसका रजिस्ट्रेशन तक नहीं हुआ था और उसे 1500 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए गए। इसके अलावा 70 करोड़ की जो 589 एंबुलेंस खरीदी गईं उनका भी इस्तेमाल नहीं किया गया। इसके अलावा इस योजना में जितने भी सामान खरीदे गए उन्हें बाजार भाव से अधिक दामों पर खरीदा गया।
एनआरएचएम घोटाले पर सीएजी की रिपोर्ट ठीक यूपी में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आई है। इससे सपा, बसपा से लेकर भाजपा सभी पार्टियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस घोटाले में माया सरकार के 2 मंत्रियों की कुर्सी चली गई थी। जिसमें बाबू सिंह कुशवाहा का भी नाम शामिल हैं। कुशवाहा इस समय भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं।
यूपी में हुए इस घोटाले पर चुनावों से ठीक पहले आई इस रिपोर्ट का फायदा कांग्रेस को जरूर होगा। राहुल गांधी अपनी हर रैली में कहते हैं कि लोगों का पैसा लखनऊ में बैठा हाथी खा जाता है। हमेशा वे यही कहते हैं कि केंद्र जो पैसा देता है उसे राज्य सरकार हड़प जाती है। अब राहुल गांधी को इसके लिए सुबूत भी मिल गए हैं।












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