'साल 2012 की आर्थिक वृद्वि 7.2 प्रतिशत रहेगी'

चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त पहली छमाही के दौरान आर्थिक वृद्धि 7.3 प्रतिशत रही है जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 8.6 प्रतिशत रही थी। प्रणव मुखर्जी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी अनिश्चितता और यूरो क्षेत्र का संकट नहीं सुलझाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपभोक्ता वस्तुओं के दाम में घटबढ़ जारी है। ऐसे में इस वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद का 4.6 प्रतिशत पर रखना मुश्किल होगा।
मुखर्जी ने बैंकों से कहा सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों का एक स्वस्थ्य अर्थव्यवस्था की दिशा में काम करने का साझु लक्ष्य है और हम सभी को इस लक्ष्य को पाने के लिये मिलकर काम करना होगा। इस बीच बैंकों ने सरकार ने आगामी बजट में बैंकों में सावधि जमा पर कर रियायत देने का आग्रह किया। उन्होंने बैंकों में लेनदेन को सरल बनाने और बचत को बढावा देने का सुझाव दिया। स्टेट बैंक के अध्यक्ष प्रतीप चौधरी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा तीन साल के बाद बैंक जमा को पूंजी की तरह माना जाना चाहिये। हमने सावधि जमा की तीन साल की अवधि के लिये कर छूट दिये जाने की मांग की है।












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