पाक संसद में लोकतंत्र को समर्थन, बच गए गिलानी

342 सदस्यीय नेशनल असेम्बली और निचले सदन में प्रस्ताव दो तिहाई बहुमत से पारित होने के बाद गिलानी ने कहा कि सरकार का न्यायपालिका और सेना से विचारों में मतभेद हो सकता है लेकिन इन दोनों संस्थाओं को लोकतंत्र की रक्षा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
सत्ता पक्ष के सदस्यों की ओर से मेज थपथपाकर इसका स्वागत किये जाने के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका या सेना इस व्यवस्था को समाप्त नहीं कर सकती या इसे पटरी से नहीं उतार सकती है।
मेमोगेट कांड और भ्रष्टाचार के कई अन्य हाई प्रोफाइल मामले फिर से खुलने पर सेना और न्यायपालिका के साथ सरकार की तनातनी के बीच प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी सामने आई है।












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