'शाम वाली दवा' का पैसा भी माया खा जाती हैं: अखिलेश यादव
भीम नगर। भाजपा की पैंतरेबाजी से परेशान और बसपा की हेकड़ी के बीच में आम जनता को साइकिल से काफी उम्मीदें हैं लेकिन गुरूवार को अपनी क्रांतियात्रा के दौरान सपा के युवराज अखिलेश यादव ने बेहद ही हैरत अंगेज बयान दे दिया जिसके चलते सपा और उसकी सोच पर सवाल उठने लगे हैं। लोग सोच रहे हैं कि आखिऱ युवराज कहना क्या चाह रहे हैं?
भीम नगर में क्रांति रथ यात्रा की एक जनसभा के दौरान अखिलेश ने कहा कि मायावती के राज में मंहगाई इतनी बढ़ी कि शाम की दवा भी मंहगी हो चुकी है। शाम की दवा का मतलब यानी शराब से था। अखिलेश ने कहा कि केवल शराब ही नहीं लोगों की बीड़ी भी महंगी हो गयी है। सोचने वाली बात यह है कि अखिलेश महंगाई के नाम पर किसी और चीज का नाम ले लेते लेकिन उन्होंने सारी नशीली चीजों का ही नाम क्यों लिया।
यही नहीं 'शाम वाली दवा' के लिए अखिलेश ने कहा कि सूबे की सीएम मायावती तो इन सारी चीजों का पैसा भी डकार जाती है। बीएसपी सरकार की आलोचना में अखिलेश ने कहा कि शाम वाली दवा पीने वाले जब यह कहने लगे कि यह सरकार जा रही तो इसका मतलब है कि यह सरकार सचमुच जा रही है। देखना दिलचस्प होगा कि बसपा इस बात का क्या जवाब पार्टी को देती है।













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