आखिर भाजपा ने कुशवाहा से क्यों मिलाया है हाथ?
लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आखिर कल तक बाबू सिंह कुशवाहा को आरोपी साबित करने में जुटी भाजपा आज कुशवाहा के साथ क्यों खड़ी हो गयी है। क्या इसके पीछे पैसों का कोई लेन-देन हुआ है या फिर दलित वोट का मामला है। क्योंकि भाजपा को अल्पसंख्यकों की ओर से तो समर्थन मिलने से रहा इसलिए उसने दलित वोट को तोड़ने की चाल चली है। शायद वो यह सोच रही है कि इसी हथकंडे के जरिये वो दलितों के रिझा सकती है।
गौरतलब है कि बीजेपी उपाध्यक्ष विनय कटियार ने बुधवार को कहा था कि बीजेपी में जरूर कुशवाहा शामिल हुए हैं लेकिन उन्हें भाजपा टिकट नहीं देगी। कुशवाहा के खिलाफ जांच चल रही है जिसमें अगर वो दोषी पाए जाते हैं तो हम उनका साथ नहीं देंगे। कटियार ने कहा कि कुशवाहा के खिलाफ राजनीति के तहत छापेमारी हो रही है। जिसके पीछे कांग्रेस और बसपा दोनों की मिलीभगत है।
आपको बता दें कि बसपा से बाहर का रास्ता दिखाये जाने के बाद बाबूलाल कुशवाहा ने अचानक से भाजपा का हाथ थाम लिया है जिसको लेकर विरोधियों के सुर तो तेज हुए ही हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा में भी इस बात को लेकर तना-तनी चल रही है। आडवाणी, जेटली और सुषमा स्वराज को जहां यह बात पच नहीं रही है वहीं दूसरी ओर गडकरी और विनय कटियार ने इस बात को सही ठहराया है।कीजिये चुनाव एक्सप्रेस का सफर हमारे साथ













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