इंतजार खत्म, इसी साल शुरू होंगे छह एम्स

इन सभी एम्स में फिलहाल एमबीबीएस कोर्स की पढ़ाई कराई जाएगी, बाद में उच्च शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने यहां प्रवेश लेने वाले छात्रों को फिलहाल ऋषिकेश, पटना, जोधपुर और भोपाल स्थित संस्थानों में पढ़ाने का फैसला लिया है। इसकी वजह कई एम्स का पूरी तरह से तैयार न होना बताया जा रहा है।
पटना और भोपाल के निदेशकों को ऋषिकेश व जोधपुर का अतिरिक्त प्रभार लेने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऋषिकेश, जोधपुर, भोपाल, पटना, भुवनेश्वर और रायपुर में बनने वाले एम्स संस्थानों के निर्माण कार्य धीमी रफ्तार से चलने के बावजूद केंद्र सरकार ने इन संस्थानों में एमबीबीएस की पढ़ाई इसी सत्र यानी अगस्त 2012 से शुरु करने का फैसला किया है।
प्रत्येक संस्थानों में 50-50 सीटें होंगी। भुवनेश्वर और रायपुर में भवन निर्माण सबसे कम होने के कारण फिलहाल इन संस्थानों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को पटना, जोधपुर, भोपाल और ऋषिकेश में पढ़ाई करनी होगी। यानी इन चारो संस्थानों में छात्रों की क्षमता 50 के बदले 75 होगी। इन संस्थानों के लिए प्रवेश परीक्षा दिल्ली स्थित एम्स के साथ होगी।
मेरिट के अनुसार वरीयता में छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। मेरिट सूची के 72 छात्रों को एम्स में प्रवेश दिया जाएगा। जबकि निचले क्रम के छात्रों को पटना, भुवनेश्वर, रायपुर, ऋषिकेश, भोपाल और जोधपुर में प्रवेश दिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने सभी छह संस्थानों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सबसे धीमी रफ्तार भुवनेश्वर और रायपुर में पाई गई।
अधिकारियों के अनुसार रायपुर में बनने वाले संस्थान का काम मात्र 35 फीसदी ही पूरा होने पर आजाद ने असंतोष जताया। जबकि भुवनेश्वर में बनने वाले संस्थान का काम 52 फीसदी पूरा हो पाया है। काम की रफ्तार तेज करने के लिए आजाद ने आदेश दिया। ऋषिकेश,पटना, भोपाल और जोधपुर में बनने वाले संस्थानों का काम इन दोनों संस्थानों से बेहतर है।












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