माओवादियों से निपटने के लिये चिदंबरम बनाएंगे मंत्र

सूत्रों के अनुसार मंत्रालय राज्यों को नक्सल समस्या से निपटने के नये उपायों के बारे में अवगत करा सकता है। इनमें विकास, सुरक्षा कार्रर्वाइ, अधिकार विशेषकर वन अधिकार तथा अवधारणा के प्रबंधन के अलावा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री कार्यालयों के बीच समन्वय और उनका गृह मंत्रालय, ग्रामीण विकास, आदिवासी मामलों, पंचायती राज्य मंत्रालयों तथा योजना आयोग के साथ समन्वय शामिल है। सूत्रों ने भाषा को बताया कि बैठक में छत्तीसगढ, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है।
गृह मंत्रालय का आकलन है कि अब नयी पहल का समय आ गया है क्योंकि माओवादियों के खिलाफ कार्रर्वाइ तेज र्हुइ है और उसके सकारात्मक परिणाम भी नजर आये हैं नक्सल समस्या से निपटने की दो सूत्री योजना विकास और सुरक्षाबलों की कार्रर्वाइ के अलावा अब अधिकारों और अवधारणा का प्रबंधन भी अगली रणनीति का हिस्सा होगा। राज्यों से इस बारे में राय भी मांगी गयी है।
सूत्रों का कहना है कि जब तक मिल जुलकर योजना बनाकर उसे अमली जामा नहीं पहनाया जाए, नक्सल समस्या का दीर्घकालिक समाधान खोजना मुश्किल है। सूत्रों ने कहा कि माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में जनता को अधिकार विशेषकर वन अधिकार सौंपना और उनका संपूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा मीडिया की मदद से अवधारणा बदलने की कोशिश करना विकास और सुरक्षाबलों की कार्ररर्वाइ की तरह ही महत्वपूर्ण पहलू है। माओवादियों को इन पहलुओं के बारे में अधिक जानकारी है इसलिए उन्हें परास्त करने के लिए नयी पहल आवश्यक है।












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