स्कूल वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे क्यों: हाईकोर्ट

Auto-Rickshaw
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब व हरियाणा सरकार तथा चंडीगढ़ प्रशासन से स्कूल वाहनों में क्षमता से ज्यादा बच्चे लाने व ले जाने पर जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई व जस्टिस महेश ग्रोवर की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के इस बारे में दिशा-निर्देशों की अवहेलना क्यों की जा रही है। इसके साथ ही अदालत ने अंबाला में सड़क दुर्घटना में मारे गए बच्चों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए अंतरिम मुआवजा व गंभीर रूप से घायल बच्चों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए मुआवजा भी दिए जाने का निर्देश दिया है।

चंडीगढ़ सेक्टर 26 निवासी वकील पृथ्वी राज यादव की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया कि स्कूल बसों अथवा वैन में क्षमता से ज्यादा बच्चों को क्यों लाया व ले जाया जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों में वाहनों की कमी के चलते एक ही वाहन कई चक्कर लगाते हैं। इसका नतीजा यह रहता है कि जल्दी पहुंचने के दवाब में वाहन तेज गति से चलते हैं और इसका खामियाजा बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं हैं। याचिका में मांग की गई कि एक वाहन को एक से ज्यादा बार आने-जाने की अनुमति न दी जाए और नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

याचिका में हाल ही में दो जनवरी को अम्बाला के समीप हुए सड़क हादसे का उदाहरण देते हुए कहा गया कि हादसे में 11 स्कूली बच्चों की मौत हुई और कई बच्चे घायल हो गए। वाहन में दस बच्चों को बैठाने की क्षमता थी, जबकि उसमें दुर्घटना के समय ड्राइवर के अलावा 29 बच्चे मौजूद थे। राज्य सरकार ने हादसे पर महज मामूली मुआवजा देने की घोषणा की। वहीं हरियाणा पुलिस के महानिदेशक रंजीव दलाल ने अपील की है कि वाहन चलाते समय कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के प्रति पूरी तरह सचेत रहें। उन्होंने सलाह दी है कि संभव हो तो इन दिनों में सरकारी बसों व ट्रेन से ही सफर करें।

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