यह है आदर्श आचार संहिता

assembly polls 2012
दिल्‍ली। यूपी सहित पांच राज्‍यों में चुनावी बयार तेज हो गई है। ऐसे में हर राजनीतिक पार्टियां वोटरों को अपनी ओर लुभाने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है। मगर ऐसे में चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने आचार संहिता का उल्‍लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है। मगर अब सवाल यह उठता है कि क्‍या आपको आदर्श आचार संहिता के बारे में पता है? अगर नहीं तो हम आपको बताते है:

यह है आदर्श आचार संहिता

  • सत्ताधारी दल के लिए मंत्रियों को सरकारी दौरों को पार्टी के प्रचार के साथ नहीं जोड़ना चाहिए।
  • पार्टी के प्रचार के दौरान वह सरकारी मशीनरी का उपयोग नहीं कर सकते।
  • सरकारी विमान व गाडि़यों का उपयोग पार्टी के प्रचार में नहीं होगा। अगर सरकारी कार्यक्रम में जा रहे हैं तभी इसका उपयोग कर सकते हैं।
  • सभा स्थल या हैलीपैड बनाने के लिए किसी मैदान पर सत्तादल का एकाधिकार नहीं होगा। दूसरे दलों को भी उसी नियम और शर्तो के तहत यह स्थान उपलब्ध होगा, जिस नियम और शर्त से सत्तादल को दिया जाएगा।
  • सरकारी गेस्ट हाउस या अन्य सरकारी आवासों पर भी सत्तादल का एकाधिकार नहीं होगा। सभी दलों को निर्धारित शर्तो पर आवंटित होगा, लेकिन कोई भी राजनीतिक दल इसका उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं करेगा।
  • सरकारी पैसे से कोई विज्ञापन समाचार पत्रों या टीवी चैनलों पर नहीं दिया जाएगा।
  • सरकार या मंत्री अपने अधीन किसी भी निधि से कोई अनुदान स्वीकृत नहीं कर सकते।
  • किसी भी रूप में कोई भी वित्तीय मंजूरी या वचन देने की घोषणा नहीं की जा सकती।
  • किसी भी प्रकार की परियोजनाओं और स्कीमों के लिए आधारशिला नहीं रख सकेंगे।
  • सड़कों के निर्माण का कोई वचन नहीं देंगे, पीने के पानी की सुविधाएं नहीं देंगे।
  • शासन, सार्वजनिक उपक्रम में कोई भी तदर्थ नियुक्ति नहीं की जाएगी।
  • केंद्र और राज्य के मंत्री यदि उम्मीदवार नहीं हैं तो वोट डालने के अलावा वह किसी भी मतदेय स्थल या मतगणना स्थल में प्रवेश नहीं पा सकेंग।
  • किसी दल या उसके प्रत्याशी को कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जो विभिन्न जातियों, धार्मिक और भाषाई समुदायों के बीच मतभेदों को बढ़ाए, घृणा और तनाव पैदा करे।
  • दूसरे राजनीतिक दलों की आलोचना उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, उनकी पुरानी छवि और काम तक ही सीमित होनी चाहिए। व्यक्तिगत जीवन के ऐसे किसी पहलू की आलोचना नहीं की जानी चाहिए, जिनका संबंध अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं के सार्वजनिक क्रियाकलाप से न हो। दलों या कार्यकर्ताओं की ऐसी कोई आलोचना भी नहीं की जानी चाहिए जिनकी सत्यता स्थापित न हो।
  • वोट हासिल करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं देनी चाहिए। मस्जिदों, मंदिरों, गिरजाघरों, गुरुद्वारों या पूजा के अन्य स्थलों का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
  • दलों और उनके प्रत्याशियों को ऐसे सभी कार्यों से बचना चाहिए जो निर्वाचन विधि के तहत भ्रष्ट आचरण और अपराध की श्रेणी में आते हैं। मसलन, वोटरों को रिश्वत देना, उन्हें डराना-धमकाना व पोलिंग स्टेशन तक ले जाना, पोलिंग स्टेशन के 100 मीटर के अंदर उनसे वोट देने का अनुरोध करना, मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय को समाप्त होने वाली 48 घंटे की समयावधि के दौरान सार्वजनिक सभाएं करना।
  • राजनीतिक दल और उनके प्रत्याशी लोगों के विचारों या कार्यों का विरोध करने के लिए उनके घरों के सामने प्रदर्शन या धरना न आयोजित करें।
  • राजनीतिक दल और प्रत्याशियों को ध्वजदंड बनाने, झंडा टांगने, सूचनाएं चिपकाने, नारे लिखने के लिए किसी व्यक्ति की जमीन, भवन, अहाते, दीवार, आदि का इस्तेमाल उसकी अनुमति के बिना नहीं करनी चाहिए।
  • राजनीतिक दल व उनके प्रत्याशी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके समर्थक विरोधी दलों की सभाओं, जुलूसों में बाधाएं न डालें। किसी दल को अपना जुलूस उन स्थानों से होकर नहीं ले जाना चाहिए जहां दूसरे दल की सभाएं हो रही हों। एक दल द्वारा लगाये गए पोस्टर को दूसरे दल के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाया जाना चाहिए।

सभाओं को लेकर आचार संहिता

  • दल या उनके प्रत्याशियों को किसी प्रस्तावित सभा के स्थान और समय के बारे में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को पूर्व सूचना देनी चाहिए ताकि वह यातायात को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जरूरी इंतजाम कर सके।
  • ऐसे स्थान पर सभा नहीं आयोजित करनी चाहिए जहां कोई निर्बंधात्मक या प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हो। यदि ऐसे निर्बंधात्मक आदेश से कोई छूट चाहिए तो इसके लिए समय से आवेदन कर छूट हासिल करनी चाहिए।
  • किसी प्रस्तावित सभा में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल या किसी अन्य सुविधा के लिए अनुमति लेनी हो तो दल या प्रत्याशी को संबंधित प्राधिकारी के पास काफी पहले से आवेदन कर ऐसी मंजूरी हासिल करनी चाहिए।
  • सभा के आयोजकों को सभा में बाधा डालने या अव्यवस्था फैलाने वाले व्यक्तियों से निपटने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस की सहायता करनी चाहिए। उन्हें खुद ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
  • आयोजक कार्यक्रम के बारे में स्थानीय पुलिस को अग्रिम सूचना दें ताकि आवश्यक इंतजाम हो सकें। ल्लआयोजकों को पता कर लेना चाहिए कि जिन इलाकों से होकर जुलूस गुजरना है, वहां पर धारा 144 वगैरह तो नहीं लगी है। ऐसे इलाकों के लिए जब तक सक्षम प्राधिकारी से अनुमति न मिले, जुलूस नहीं निकाला जा सकता है।
  • जुलूस इस तरह निकले जिससे कि सामान्य यातायात में बाधा न पड़े। यदि एक ही रास्ते पर दो या दो से अधिक दल एक ही समय पर जुलूस निकालना चाहते हैं तो उन्हें आपस में समन्वय स्थापित कर ऐसी योजना बनानी चाहिए, जिससे टकराव न हो और यातायात भी बाधित न हो। स्थानीय पुलिस उनकी सहायता करेगी।
  • किसी भी राजनीतिक दल को अन्य राजनीतिक दल के नेताओं के पुतले लेकर चलने और उन्हें जलाने का समर्थन नहीं करना चाहिए।

मतदान दिवस के लिए आचार संहिता

  • मतदाता को इस बात के लिए पूरी स्वतंत्रता हो कि वह बिना किसी परेशानी या बाधा के मताधिकार का प्रयोग कर सके।
  • मतदाता को दी जाने वाली वोटर स्लिप पर पार्टी का चुनाव निशान नहीं होगा।
  • राजनीतिक दलों के कैम्प पर किसी प्रकार की भीड़ नहीं लगनी चाहिए।
  • किसी भी कैम्प पर पार्टी का निशान, झंडा या बैनर नहीं लग सकता।
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