लोकसभा में सरकारी लोकपाल बिल पास, अन्ना बीमार

लोकसभा में सरकार के लोकपाल को 2/3 बहुमत मिला। बिल के पक्ष में कुल 321 वोट पड़े, बिल के खिलाफ 71 वोट पड़े। वहीं बिल पास होते वक्त राजद, समाजवादी पार्टी, एआईएडीएमके, बसपा और वामदलों के सांसदों ने वॉक आउट कर दिया। वहीं नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने संशोधन प्रस्ताव भी रखा। बिल पास होते वक्त सदन में जोरदार हंगामा हुआ। लेकिन यूपीए सांसदों ने हावी होते हुए बिल को पास करा लिया।
सरकार ने जो मसौदा रखा था, जिसमें कुछ ही संशोधनों के साथ पास कराया। लेकिन सरकार की किरकिरी तब हुई जब लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दिये जाने के संशोधन को नकार दिया गया। भारतीय जनता पार्टी को मतदान के नतीजों पर संशय है, लिहाजा लोकसभा में हंगामा करने लगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बिल संसद की भावनाओं के अनुकूल है और जनता के बीच खरा उतरेगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई को लोकपाल के दायरे में लाना तो ठीक बात है, लेकिन हर जांच समिति की जवाबदेही होनी चाहिये और इसीलिए हम सीबीआई को सरकार के दायरे से बाहर नहीं कर सकते। उन्होंने अन्ना हजारे व उनकी टीम को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हर नेता बेईमान नहीं होता।
बिल पास होने के तुरंत बाद टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि उनकी टीम इस बिल को नहीं मानती। देश भर में आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि किरण बेदी ने कहा कि वो और अन्य सदस्य अन्ना हजारे से अनशन तोड़ने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि अब अनशन पर बैठने से बेहतर होगा देश भर में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चलाना।
मुंबई में अन्ना की तबियत बिगड़ चुकी है, हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि अभी अस्पताल में भर्ती कराने जैसी नौबत नहीं आयी है। रात्रि 11 बजे जारी हुए हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक उनका रक्तचाप 170/104, पल्सरेट 92 था और बुखार 102 डिग्री फेरनआइट था। साढ़े ग्यारह बजे रात तक लोगों की भीड़ मैदान पर जमी रही। यहां दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक समेत कई राज्यों से आये हुए हैं।












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