'लोकपाल के लिए स्वतंत्र जांच प्रकोष्ठ होना चाहिए'

अन्ना ने अपने पत्र में कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ साल भर से चल रहे आंदोलन से जनता ऐसे कानून के इंतजार में है जो प्रभावी तरीके से भ्रष्टाचार से निपट सके। पत्र के अनुसार, देश के मिजाज को देखते हुए संसद ने विधेयक से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा का काम अपने हाथ में लिया है और इसके लिए हम अपने जन प्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि हम विधेयक के मौजूदा मसौदे पर निराशा प्रकट करते हैं वहीं हम यह भी चाहते हैं कि जनता की संसद में चर्चा से यथासंभव सर्वश्रेष्ठ कानून सामने आना चाहिए।
टीम अन्ना ने कहा कि हम अनुरोध करते हैं कि संसद में इन बिंदुओं पर विचार कर उन्हें पारित किया जाए ताकि देश को वास्तविक भ्रष्टाचार निरोधी कानून दिया जा सके। विधेयक के मसौदे में अन्य कई प्रावधानों के प्रति हमारा विरोध बना हुआ है और हम आने वाले सालों और महीनों में विधेयक में सुधार के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। हजारे पक्ष ने सांसदों से अनुरोध किया है कि लोकपाल और लोकायुक्तों को किसी से शिकायत के बिना अपने स्तर पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच करने का अधिकार होना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications