'पाक से भारतीय युद्धबंदियों को रिहा कराए सरकार'

अदालत ने एक आदेश में कहा कि भारत सरकार दो महीने के अंदर और आज से अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रूख कर पाकिस्तान ने शिमला समझौते के प्रावधानों के मुताबिक सैनिकों को रिहा नहीं कर इसका उल्लंघन किया है। सरकार ने केंद्र की इस दलील को निराधार बताया कि अदालत उसे नीतिगत मामलों में फैसले के लिए निर्देश नहीं दे सकती।
अदालत ने कहा कि भारत सरकार के नीतिगत मामले में दखलंदाजी करने का यह मामला नहीं है बल्कि यह अपने उन नागरिकों की जान की सुरक्षा और व्यैक्तिक स्वतंत्रा की हिफाजत करने में कानूनी कदम नहीं उठाने के केंद्र की अकर्मण्यता है, जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए जान की बाजी लगा दी। आईसीजे से नहीं संपर्क साधना केंद्र सरकार की ओर से अपने उन नागरिकों के अधिकारों की रक्षा नहीं कर पाने की कर्तव्यहीनता है जिन्होंने देश की सीमा की रक्षा की। जारी भाषा












Click it and Unblock the Notifications