राजस्थान: डॉक्टरों की हड़ताल से डायलसिस पर चिकित्सा व्यवस्था

आपको बताते चलें कि राजस्थान में करीब 10 हजार डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के बाद वहां की चिकित्सा व्यवस्था अपाहिज हो गई है। इस जानलेवा हड़ताल से निपटने के लिये सरकार ने 600 नये डॉक्टरों की नियुक्ति की है और सेना, बीएसएफ और रेडक्रॉस के डाक्टरों को भी बुलाया है। मालूम हो कि डॉक्टरों का हड़ताल पर जाने का कारण केंद्र के बराबर वेतनमान और समय पर पदोन्नति की मांग है। राजस्थान सरकार ने देर रात डॉक्टरों की हड़ताल को गैर कानूनी घोषित रेस्मा (राजस्थान एसेंशयिल मेंटिनेंस एक्ट) लागू कर दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद ज्यादातर डॉक्टर अज्ञातवास पर चले गये हैं।
हालांकि सरकार डॉक्टरों के कुछ मांग को मान भी चुकी है मगर अब भी डॉक्टर काम पर लौटने को तैयार नहीं है। जहां एक तरफ डॉक्टरों की इस जानलेवा हड़ताल ने मरीजों को परेशान कर दिया है वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री गहलोत के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं। सरकार की परेशानी और बढ़ सकती है क्योंकि 6 मेडिकल कॉलेजों के टीचर और अस्पतालों के सपोर्टिंग स्टाफ भी समर्थन में छुट्टी पर जाने का अल्टीमेटम दे रखा है।












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