मनमोहन ने कहा, प्रणब सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी

अपने निवास पर मुखर्जी को दि बेस्ट एडमिनिस्ट्रेटर इन इंडिया अवार्ड 2011 से सम्मानित करते समय प्रधानमंत्री ने माना कि संप्रग के सफल प्रबंधन का श्रेय सोनिया गांधी के प्रेरणादायक नेतृत्व के अलावे संकटमोचक मुखर्जी के कौशल को जाता है। उन्होंने कहा कि हमने सरकार के सभी महत्वपूर्ण फैसलों में गहन सलाह मशविरा किया है। सरकार के प्रभावी तथा सुचारू संचालन में उन्होंने जो भी मदद की है, मैं उसके लिए निजी रूप से उनका आभार व्यक्त करता हूं।
उन्हें जो व्यापक सम्मान प्राप्त है और सभी दलों के राजनीतिक नेतृत्व से उनका जो लंबा संबंध रहा है, वह संसदीय कामकाज के संचालन में अमूल्य साबित हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति में आज ऐसे गिने-चुने व्यक्ति ही हैं जिनका जनसेवा का इतना लंबा और उल्लेखनीय रिकार्ड हो। इस मौके पर मुखर्जी ने कहा कि बीते सालों में मेरे जल्द गुस्सा होने के स्वभाव के बावजूद प्रधानमंत्री ने अपना मजबूत समर्थन दिया।
मेरे प्रति सभी सहयोगियों ने जो सहिष्णुता दर्शाई है, मैं उसके लिए उनका आभारी हूं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सरकार के हर प्रयास के बावजूद संसद के सुचारु रूप से कामकाज करने में विफल रहने और बार-बार के व्यवधान पर अफसोस जाहिर किया।












Click it and Unblock the Notifications