अब धनंजय को अपनी ओर मिलाना चाहते हैं अमर सिंह

श्री सिंह ने कहा कि मायावती की यह आदत कोई नयी नहीं है वह हमेशा ही यह करती रही हैं। सरकार बनी जिसके बाद ही उनके साथी मंत्रियों पर भ्रष्टाचार व अन्य प्रकार के आरोप लगने लगे लेकिन मायावती ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पूर्व उन्हें अपनी पार्टी के जनप्रतिनिधि माफिया और अपराधी नजर आने लगे। अमर सिंह हत्या व गैंगेस्टर में जेल में बंद जौनपुर के सांसद धनंजय सिंह से मिलने गए थे। श्री सिंह के धनंजय से मिलने से इस बात की सुगबुगाहट शुरू हो गयी कि श्री सिंह धनंजय को लोकमंच में लाना चाह रहे हैं जिसके लिए वह धनंजय से मिलने जेल गए थे।
हालांकि उन्होंने दोनों नेताओं के मिलने की अटकलों को विराम देते हुए कहा कि वह तो मानवता के नाते सांसद से मिलने आए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञों में कटुता नहीं होनी चाहिए। अपने इस तर्क को और पुख्ता करने के लिए उन्होंने भाजपा के रविशंकर प्रसाद एवं कांग्रेस के नेता एवं केन्द्रीय मंत्री राजीव शुक्ला के संबंधों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब तक कोई व्यक्ति दोषी साबित नहीं हो जाए तब तक उसे अपराधी नहीं कहा जा सकता। श्री सिंह ने पूर्वांचल राज्य के गठन के बारे में कहा कि राज्य विभाजन पर केन्द्र ने प्रदेश सरकार से कई बिन्दुओं पर जवाब मांगा है और उत्तर जाने के बाद ही केन्द्र कोई कार्यवाही कर सकेगा।












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