शांति भगं करने वाले नेता प्रतिपक्ष शिवपाल यादव गिरफ्तार

स्थिति को बिगड़ता देख जिलाधिकारी व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे उन्हें ऐसा करने से रोकने का प्रयास करने लगे जब वह नहीं माने तो उन्हें व उनके साथ कई अन्य सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करे पुलिस लाइन भेज दिया गया। कहते हैं कि जब सरकार नहीं होता तो प्रशासनिक अधिकारी भी बात नहीं मानते। जिस शिवपाल सिंह के सामने जिलाधिकारी व पुलिस अधिकारी बैठने की हिम्मत नहीं करते थे उन्हीं शिवपाल यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। श्री यादव को मेरठ में गिरफ्तार किया गया उन पर मेरठ जिला जेल के निकट हंगामा करने व धरने पर बैठकर शांति भंग करने का आरोप था।
ज्ञात हो कि श्री यादव जेल में निरद्ध सपा विधायक विजय मिश्र से मिलने मेरठ गए थे। उन्हें अधिकारियों ने जेल गेट पर रोक लिया और मिलाई कराने से मना कर दिया। सपा पदाधिकारियों का कहना है कि नेता विरोधी दल श्री यादव ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पहले ही 17 दिसम्बर को विजय मिश्रा से मिलने के लिए सूचित करा दिया गया था। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन ने उन्हें जेल में पार्टी विधायक से मिलने नहीं दिया गया। जिला प्रशासन की इस मनमानी एवं तानाशाही रवैये के खिलाफ श्री यादव जेल के गेटर पर धरने पर बैठ गए।
उनके साथ धरने पर विधायक शाहिद मंजूर, राजपाल सिंह, जितेन्द्र यादव सदस्य राज्य कार्यकारिणी जयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष आदिल चौधरी एवं अनिल बख्शी समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर पर बैठे थे। शाम होते-होते सपाइयों की भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। ज्ञात हो कि इससे पूर्व श्री शिवपाल सिंह यादव जब विजय मिश्र को उनके प्रयोग के लिए कुछ सामान देने आए थे तो उसे जेल अधिकारियों ने उन तक नहीं पहुंचाया था। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री मायावती रागद्वेष से शासन चला रही हैं इसीलिए श्री विजय मिश्र का उत्पीडऩ किया जा रहा है१ इस संबंध में शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।












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