झूठा है हेडली, आतंकी नहीं थी इशरत जहां: एसआईटी

इशरत और तीन अन्य लोगों को 15 जून, 2004 को गुजरात पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था। एसआईटी ने बीते गुरुवार को अदालत के आदेश के मुताबिक सीबीआई के समक्ष इस मामले की एक शिकायत दर्ज कराई थी। गुजरात उच्च न्यायालय ने एक दिसंबर को सीबीआई को आदेश दिया था कि वह इस मामले की आगे जांच करे। पिछले महीने एसआईटी ने जांच खत्म कर दी थी और कहा था कि मुठभेड़ पुलिस की ओर सुनियोजित थी। सीबीआई ने आज इस मामले में नयी प्राथमिकी दर्ज की। एसआईटी की शिकायत के आधार पर इसमें गुजरात पुलिस के 20 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
मालूम हो कि अमेरिकी एजेंसी एफबीआई द्वारा पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने जुलाई 2010 दावा किया था कि गुजरात में फर्जी मुठभेड़ में मारी गई इशरत जहां फिदायनी आतंकी यानी कि मानव बम थी। हेडली ने यह बात राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए से पूछताछ के दौरान कही थी। हेडली ने दावा किया था कि मुंबई की इशरत जहां खास मंसूबों को अंजाम देने वाली थी। हेडली ने बताया था कि भारत में उसने 2006 से अपने मिशन की शुरुआत की। इशरत भी उस मिशन में शामिल थी।












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