हरियाणावासियों ने दी 1971 के शहीदों को श्रद्धांजलि

इस अवसर पर हरियाणा आम्र्ड पुलिस की टुकड़ी द्वारा शहीदों के सम्मान में शस्त्र झुकाकर सलामी भी दी गई। बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व सैनिक देश की धरोहर हैं। इस धरोहर को सहज कर रखना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य बनता है। सरकार व प्रशासन भी धरोहर रूपी स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व सैनिक व शहीद परिवारों के कल्याण के लिए वचनबद्ध हैं।
बंसल ने कहा कि देश के वीर शहीदों की हिम्मत और जज्बे की बदौलत 1971 में पाकिस्तान की सेना को धूल चटाई थी जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और परिणाम यह हुआ कि बांग्लादेश का नए देश के रूप में उदय हुआ। बांगलादेश की जनता सदा के लिए पाकिस्तान के चंगुल से मुक्त हो पाई। इस ऐतिहासिक लड़ाई में देश के सैनिकों ने पूरी दुनिया को दिखा दिया था कि भारत की सामरिक व्यवस्था किसी भी देश की सेनाओं से कमत्तर नहीं है। इतने कम समय में पाकिस्तान की सेनाओं को समर्पण करने से अमेरिका और चीन जैसे देशों ने मुंह में अंगुलियां दबाई थी। इस अवसर पर उपायुक्त समीर पाल सरो ने कहा कि 16 दिसंबर का दिन देश के लिए गौरवशाली दिन है।
इस दिन हुई ऐतिहासिक विजय से पूरी दुनिया में भारत का माथा ऊंचा हुआ था और विश्व में देश की नई पहचान बनी थी। स्थानीय वायु सेना केंद्र के एयर ऑफिसर कमांडिंग, एयर कोमोडोर एस.पी. सिंह ने भारत की तीनों सेनाओं की तरफ से शहीदों को याद किया और उपस्थित पूर्व सैनिकों और शहीद परिवार को सैल्यूट करते हुए कहा कि देश के वीरों ने सदैव राष्ट्र के लिए कुर्बानी दी है। आज भी देश को वीरों की जरूरत है। जिला पुलिस कप्तान देवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि देश के सैनिक, अर्धसैनिक व पुलिस बलों की तरह देश के प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने क्षेत्रों में देश सेवा और कर्तव्य परायणता की भावना से कार्य करना चाहिए। इससे पूर्व उपमंडलाधिकारी रोशन लाल पूर्व सैनिक ओमप्रकाश जाखड़, लालचंद गोदारा ने भी श्रद्धांजलि दी।












Click it and Unblock the Notifications