2जी स्पेक्ट्रम के बाद एक और विवाद में फंसे चिदंबरम

राज्यसभा में गृहमंत्री पी चिदंबरम को लेकर भारी हंगामे के बाद इसकी कार्रवाई स्थगित कर दी गई। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी उनसे इस्तीफे की मांग कर रही थी। जब चिदंबरम प्रश्नकाल के दौरान सवालों का जवाब देने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिस वजह से चिदंबरम ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। भारतीय जनता पार्टी ने चिदंबरम पर एक निजी कंपनी से मुकदमा हटाने का आरोप लगाते हुए चिदंबरम से इस्तीफा मांगा। गृहमंत्री पी चिदंबरम स्क्रूटिनी कंपनी के वकील हैं और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चिदंबरम ने उस कंपनी पर से चल रहा मुकदमा हटा दिया।
शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही गृहमंत्री पी चिदंबरम 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में विपक्ष के निशाने पर हैं। विपक्ष उनका शुरुआत से ही बहिष्कार कर रही है। 2जी मामले में कोर्ट में चल रहा है। जिस वजह से पी चिदंबरम पर राज्यसभा में चौतरफा वार हो रहे हैं। विपक्ष सरकार पर पी चिदंबरम को बचाने का आरोप लगा रही है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने 2जी घोटाले में अपने सहयोगी दल डीएमके तो फंसा दिया जबकि पी चिदंबरम को इस मामले में पूरी तरह से बचाया गया है।
अब 2जी के बाद एक प्राइवेट कंपनी से मुकदमा हटाने की वजह से पी चिदंबरम एक बार फिर से मुश्किल में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। बुधवार को तो राज्यसभा में यह नजारा था कि पी चिदंबरम अपनी कुर्सी पर उठक-बैठक करते हुए नजर आ रहे थे। प्रश्नकाल के दौरान पी चिदंबरम बुधवार को खड़े होते तो विपक्ष हंगामा कर उन्हें फिर से बैठा देता। थोड़ी ही देर में चिदंबरम 14 बार उठे और उन्हें हर बार विपक्ष ने बैठा दिया।












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