बैंगलूरू में पुलिस ने नशा देकर भिखारी बनाये गये 300 बच्चों को छुडा़या

आगे की बात बताने से पहले आपको बताते चलें कि भीख मांगने वाली महिलाएं इन बच्चों को किराये पर लेती हैं। घंटे के हिसाब से यह बच्चे किराये पर मिलते हैं। अब आपको जो बात बताने जा रहे हैं उसे जानने के बाद आपकी आंखे खुली की खुली रह जायेंगी। दुधमुंहे बच्चे रोए और तड़पे ना इसलिये उन्हें 24 घंटे नशे में रखा जाता है। कड़कती धूप या फिर हर तरह के मौसम में इन बच्चों के जरिए महिलाएं भीख मांगती हैं।
पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि जिन बच्चों को इस गिरोह के चुंगल से बचाया गया है उन्हें होश में आने में घंटो वक्त लग गये। मालूम हो कि बीते एक हफ्ते में पुलिस ने बैंगलूरू के कई इलाकों से ऐसे बच्चों को भिखारी माफिया के चंगुल से छुड़ाया है। 7 दिनों में करीब 300 बच्चे छुड़ाए गए। इनमें से 108 बच्चे 2 महीने से 2 साल तक की उम्र के थे।
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि गिरोह के सरगना मासूम बच्चों को आस-पास के राज्यों से चोरी कर ले आते हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह की पहुंच में कर्नाटक के अलावा आंध्र प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य हैं। पुलिस का दावा है कि बैंगलोर की सड़कों पर 700 से ज्यादा ऐसे बच्चे भीख मांग रहे हैं। यानी अब पुलिस के निशाने पर बाकी बच्चे हैं जिन्हें जल्द से जल्द छुड़ाया जाना जरूरी है।












Click it and Unblock the Notifications