तीन महिलाओं से कैसे भिड़ेंगे मुलायम सिंह

उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश अपना रथ लेकर एक बार फिर निकलने वाले हैं। तैयारियां पूरी हैं, हो सकता है इस बार उनके रथ पर मुलायम भी सवार हों और अखिलेश उनके सारथी बनें। रथ के साथ-साथ लंबी कतारों में साइकिलें भी होंगी, जो पार्टी के चुनाव-चिन्ह को गति प्रदान करेंगी। लेकिन इस रणभूमि में मुलायम के रास्ते में कमल के फूल कांटे की तरह बिछे हुए हैं, वही बड़े-बड़े हाथी उन्हें कुचलने के लिए तत्पर रहेंगे और साइकिलों को रोकने के लिए पंजे होंगे। ऐसे में मुलायम तीन महिलाओं से कैसे भिड़ेंगे, यह उन्हें अभी से सोचना होगा।
यहां तीन महिलाएं हैं- कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी, भारतीय जनता पार्टी की स्टार कैम्पेनर उमा भारती और बसपा सुप्रीमो व मुख्यमंत्री मायावती। इस चुनावी मैदान में मुलायम को अगर जीतना है तो सबसे पहले कांग्रेस की रीता जोशी से भिड़ना होगा। पहले तो कांग्रेस से भिड़ना आसान था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी इस समय उन्हीं जगहों का दौरा कर रहे हैं, जहां मुलायम की तूती बोलती है। जाहिर है उन जगहों पर राहुल गांधी मुलायम के खिलाफ जहर जरूर उगलेंगे। राहुल का जहर रीता बहुगुणा के लिए अमृत होगा, क्योंकि कांग्रेस की एक-एक सफलता का श्रेय प्रदेश अध्यक्ष को ही मिलेगा।
अब बारी आती है उमा भारती की, जो भाजपा की स्टार कैम्पेनर के रूप में यूपी में घूम रही हैं। उन्होंने भी राजनाथ सिंह और कलराज मिश्र के साथ मिलकर मुलायम के गढ़ में दौरे किये। उन दौरों का क्या प्रभाव रहा, यह तो चुनाव परिणाम के बाद पता चलेगा, लेकिन यह पक्का है कि उमा भारती की बेबाकी और लोगों के दिलों में झांक कर उन्हें पढ़ने का हुनर मुलायम की राहों पर अड़ंगा जरूर लगा सकता है।
अंत में आती हैं हाथी पर सवार मायावती। वैसे अभी तक के समीकरणों को देखा जाये तो मुलायम की साइकिल हाथी के आगे काफी छोटी पड़ रही है। लिहाजा मुलायम को मुस्लिम-यादव समीकरणों से ऊपर उठकर सोचना होगा। अपने कार्यकाल के विकास की गाथा मुलायम व उनके पार्टी कार्यकर्ता बहुत सुना चुके, अब कुछ ऐसा करना होगा, जिससे जनता का विश्वास उनके प्रति बढ़े और चुनाव में सपा का परचम लहराये।












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