बाबा रामदेव ने किया चीनी सामानों का बहिष्कार

भारत के आर्थिक विश्वशक्ति बनने में एकमात्र प्रतिद्वंद्विता चीन से है क्योंकि वह भी तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने रामदेव को प्रतिद्वंद्वी देश बताते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय को चीन निर्मित उत्पादों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। हमें ऐसे किसी भी चीज का समर्थन नहीं करना चाहिए जो चीन को महाशक्ति बनने में मदद करे।
मैं लोगों से स्वदेश अपनाने का आह्वान करता हूं। योगगुरु ने साथ ही कहा कि चीन को लौह अयस्क का निर्यात पर रोक लगा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन अपने लौह अयस्क का एक ग्राम भी निर्यात नहीं करता जबकि हम अपने लौह अयस्क का प्रमुख हिस्सा बेच देते हैं। हमें लौह अयस्क को परिष्कृत करके उसका इस्तेमाल घरेलू स्टील उत्पादन इकाइयों में करना चाहिए।












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