हर दिन होगी अयोध्या ढांचा विध्वंस मामले की गवाही

न्यायमूर्ति श्रीनारायण शुक्ल एवं न्यायमूर्ति सुरेन्द्र विक्रम सिंह राठौर की खंडपीठ ने यह फैसला रायबरेली के जिला व सत्र न्यायाधीश के 22 जुलाई 2011 के एक आदेश को रद्द करते हुए सुनाया। याचिका में इस आदेश की वैधता को चुनौती दी गयी थी। इस आदेश के तहत मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रायबरेली को निर्देश दिया था कि महीने में कम से कम सुनवाई के लिए 10 दिन नियत करें।
याचिकाकर्ता का कहना था कि जिला जज को ऐसा आदेश पारित करने की अधिकार नहीं था और यह आदेश कानून की मंशा के खिलाफ है। इसके अलावा याची की ओर से यह भी तर्क दिया गया था कि बचाव पक्ष के वकीलों को दूर से आकर मुकदमे की सुनवाई की तारीखों पर उपस्थित होने में कठिनाई हो रही है। अदालत ने कानून में दी गई अन्तर्निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुकदमें के शीघ्र निपटारे के लिए ये निर्देश दिए है और जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायबरेली द्वारा गत 22 जुलाई को पारित उक्त आदेश को निरस्त कर दिया।












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