घरेलू हिंसा रोकने के लिए 'अब तो जागो अभियान'

uttar pradesh
लखनऊ। महिलाओं पर अत्‍याचार रोकने के लिए बने घरेलू हिंसा अधिनियन 2005 कानून के लिए लोगो को जागरूक करने के लिए पिछले कई वर्षो से राज्‍य स्‍तर पर 'अब तो जागो अभियान' चलाया जा रहा है। इस समय यह अभियान उत्‍तर प्रदेश के सभी राज्‍यों में चलाया जा रहा है। जिसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में विभिन्‍न प्रकार के कार्यक्रमो का आयोजन किया जा रहा है।

घरेलू हिंसा से महिलओं के संरक्षण अधिनियम को प्रभावशाली बनाने व उसके क्रियान्‍वयन के साथ ही कानून की भ्रान्तियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए'अब तो जागो अभियान' 13 संस्‍थाओं के द्वारा कराया जा रहा है। इस अभियान के तहत महोत्‍सव में पोस्‍टर, स्‍टीकर व पम्‍पलेट लगाए जाते हैं। महिलाओं को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे इस अभियान में लखनऊ विश्‍वविद्यालय समेत सैकड़ों छात्राओं ने मानव श्रृंखला बनाकर मानवाधिकारों को प्रदर्शित किया और लोगो को शांति का संदेश दिया।

क्‍या है घरेलू हिंसा कानून

26 अक्‍टूबर 2006 को हमारे देश में पहला ऐसा कानून लागू हुआ, जो महिलाओं को घर में बिना हिंसा (लड़ाई झगड़े) के रहने का अधिकार देता है। इस कानून को महिलाओं के जीवन, स्‍वास्‍थ्‍य, मानसिक व शारीरिक सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इसमें दहेज, संपत्ति या मूल्‍यवान वस्‍तुए, कागजात की गैर कानूनी मांग करना या रिश्‍तेदार द्वारा परेशान किया जाना शामिल है। इसके लिए सरकार द्वारा नियुक्‍त हर जिले में सुरक्षा अधिकारी (प्रोटेक्‍शन ऑफिसर) घरेलू घटना की रिपोर्ट दर्ज करता है।

इसमें हमसफर, मैसवा, सहयोग, वी. फाउंडेशन, आली, आक्‍सफेम, ब्रेक थ्रू, विज्ञान, फांउडेशन, एफपीएआई, पेस, भारतीय महिला फांउडेशन, एपवा, उप्र शहरी गरीब कामगार, संघर्ष मोर्च, हेल्‍थ वाच फोरम, महिला स्‍वास्‍थ अधिकार मंच, राष्‍ट्रीय घरेलू कामगार यूनियन, परिवर्तन में युवा नेटवर्क, नव जागृति, सेफ सफर, सहित 30 जिलों के साथीयों के योगदान द्वारा कराया जा रहा है।

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