एफडीआई पर हंगामे के बीच सातवें दिन नहीं चली संसद

Parliament paralysed on 7th day over FDI
दिल्‍ली। रिटेल सेक्‍टर में में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के फैसले को लेकर विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के घटकों ने आज लगातार चौथे दिन संसद नहीं चलने दी। एकजुट विपक्ष के साथ ही संप्रग के घटक दल तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक ने एफडीआई संबंधी विवादास्पद फैसले को वापस लिए जाने की मांग की। संसद का शीतकालीन सत्र 22 नवंबर से शुरू होने के बाद पिछले चार दिन से एफडीआई मुद्दे पर तथा उससे पहले कई अन्य मुद्दों पर हंगामे के कारण दोनों सदनों में अभी तक कोई कार्य नहीं हो पाया है।

सरकार और विपक्ष के बीच औपचारिक और पिछले दरवाजे से हो रही वार्ताओं के बावजूद कोई सफलता हाथ नहीं लगी और आज भी संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा को एक बार के स्थगन के पश्चात दोपहर बारह बजे दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया। गौरतलब है कि शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से संसद में कोई कामकाज नहीं हुआ है। महंगाई, भ्रष्टाचार, काले धन, पृथक तेलंगाना राज्य के गठन तथा मुल्ला पेरियार बांध को लेकर पिछले सप्ताह संसद में भारी हंगामा छाया रहा। विपक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सरकार द्वारा मांगों को माने जाने तक वह संसद को नहीं चलने देगा।

विपक्ष की मांग है कि मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी एफडीआई की अनुमति देने के फैसले को या तो सरकार वापस ले या इस विषय पर मत विभाजन के प्रावधान वाले नियम के तहत उसके कार्य स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करे। आज तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक सदस्यों द्वारा एफडीआई को लेकर प्रश्नकाल में किए गए भारी हंगामे पर कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोपहर 12 बजे दोनों सदनों की बैठक दोबारा शुरू हुई। लेकिन सदन में सुचारू व्यवस्था कायम नहीं होने और हंगामा जारी रहने के कारण दोनों सदनों की बैठक कुछ ही मिनट बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।

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