एयर इंडिया को 30,000 करोड़ रूपये देने पर विचार

सूत्रों ने कहा कि बेलआउट पैकेज 10 साल की अवधि में दिए जाने की संभावना है। नागर विमानन मंत्रालय, एयर इंडिया और 14 बैंकों के कंसोर्टियम के अधिकारियों के बीच दो घंटे चली बैठक के बाद इस तरह का प्रस्ताव सामने आया। उन्होंने कहा कि ऋणदाताओं ने नकदी के संकट से जूझ रही विमानन कंपनी की ऋण पुनर्गठन योजना को व्यापक मंजूरी दे दी।
इस योजना को पिछले सप्ताह रिजर्व बैंक ने हरी झंडी दे दी थी। सूत्रों ने कहा कि संपूर्ण बेलआउट पैकेज को ध्यान में रखते हुए अगले कुछ दिनों में नागर विमानन मंत्रालय द्वारा कैबिनेट नोट तैयार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विमान खरीद ऋण और कार्यशील पूंजी ऋणों को मिलाकर एयर इंडिया पर कुल 43,777.01 करोड़ रुपये का ऋण है। कार्यशील पूंजी का ऋण 21,511.10 करोड़ रुपये है, जबकि विमान खरीद का ऋण 21,412.06 करोड़ रुपये है।












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