सीवर लाइन की सफाई में तीन लोगों की गई जान

Three die after inhaling toxic fumes from manhole
दिल्ली ( ब्यूरो) । कुछ दिन पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई थी कि सीवरलाइन की सफाई के दौरान सफाई कर्मचारियों की जान को खतरा रहता है। इसके बावजूद कोई उपाय नहीं किया जाता। इधर आनंद विहार में सीवर लाइन की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दम घुटने से तीन खोमचेवालों की मौत हो गई। ये तीनों बंगाल और बिहार के रहनेवाले थे। उन्हें बचाने गए तीन अन्य लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई। इनमें से एक की हालत गंभीर है। खोमचेवालों को सफाई करने के लिए एमसीडी के कर्मचारियों ने कहा था।

काफी देर तक चले थाना सीमा विवाद के बाद आनंद विहार जीआरपी ने लापरवाही का मामला दर्ज किया। आनंद विहार आईएसबीटी और रेल टर्मिनल के एग्जिट प्वाइंट पर नाले के पास खाली जमीन पड़ी है। उस पर अवैध तरीके से लोग खोमचे और दुकानें लगाते थे। उसी जमीन से करीब 10 फीट नीचे दो फीट गहरा सीवर पाइप लाइन की सफाई के लिए ढक्कन लगाया गया है। इसका पानी नजदीक स्थित बाढ़ नियंत्रण विभाग के नाले में गिरता है। घटना के चश्मदीद ललित कुमार ने बताया कि दो दिन पहले एमसीडी कर्मी आए थे और सीवर लाइन को खोमचे वालों से साफ करने के लिए कहा था।

लिहाजा यहां खोमचे लगाने वाले शनिवार सुबह इसकी सफाई करने में जुटे गए। सबसे पहले इसमें दास (27) 10 फीट नीचे उतरा और सफाई करने लगा। इसी दौरान जहरीली गैस से वह बेहोश हो गया। यह देख उसे बचाने के लिए भंडारी (26) उसमें कूद गया, वह भी बेहोश हुआ तो उसका साथी दादा (28) भी नीचे उतर गया लेकिन उसका भी दम घुटने लगा। उसे बचाने के लिए खोमचा लगाने वाले सोनू, पहलवान और एक अन्य ड्राइवर रमेश उन्हें निकालने की कोशिश में घायल हो गए। लेकिन दास, भंडारी और दादा को नहीं बचाया जा सका। घायल सोनू की हालत गंभीर बनी हुई है उसे एलबीएस से जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया है। पहलवान और रमेश को इलाज के बाद छुट्टी मिल गई है।

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