चुनाव से पहले माया को झटका, भांजे ने की दुश्मन से दोस्ती

मीडिया से मुखातिब प्रबुद्ध राम ने बताया कि 1998 से लेकर 2000 तक मैं बीएसपी में था। उन्होंने बताया कि जब उन्हें नौकरी मिली तो वह बामसेफ में चले गये। प्रबुद्ध ने बताया कि वह अक्सर फरियाद लेकर मायावती के पास जाते रहे मगर उसपर ना ही कोई कार्रवाई हुई और ना ही कोई आश्वसन मिला। इस लिये मैने पार्टी का त्याग करने का मन बना लिया और आज आधाकारिक रूप से पार्टी से अलग हो रहा हूं।
उल्लेखनीय है कि यह एक सप्ताह के अंदर मायावती को दूसरा करारा झटका है। मालूम हो कि दो दिन पूर्व मायावती के बेहद करीबी मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के भाई हसीनुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी में चले गए थे। बाद में सरकार ने ये सफाई दी थी कि मंत्री और उनके भाई के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे।












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