अब बेहतर मानसून से ही घटेगी महंगाई: प्रणव

मुखर्जी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि बेहतर मानसून का पूरा असर दिखाई देगा। साथ ही आपूर्ति में सुधार के लिए उठाए गए कदमों के भी नतीजे दिखाई देंगे। अक्तूबर में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी की मुख्य वजह फलों और सब्जियों, विनिर्मित वस्तुओं और पेट्रोल के उंचे दाम रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि अप्रैल से अक्तूबर के सात माह के दौरान उंची मुद्रास्फीति की मुख्य वजह खाद्य वस्तुओं की महंगाई है। इनकी कीमतों में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। मुखर्जी ने कहा कि प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में गिरावट का फायदा खाद्य वस्तुओं की उंची कीमतों की वजह से नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होनें कहा कि सरकार को खाद्य महंगाई से निपटने के लिए आपूर्ति संबंधी समस्या को दूर करना होगा। खाद्य मुद्रास्फीति 29 अक्तूबर को समाप्त सप्ताह में 11.81 प्रतिशत के स्तर पर थी।












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