क्या अमेरिका संग लश्कर से लड़ने में कामयाब होगा भारत?

सवाल इसलिए भी लाजमी है, क्योंकि लश्कर के आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पाकिस्तान और उसकी कूटनीतिक चालें सबसे ज्यादा आड़े आती हैं। ऐसे में भारत के लिए यह काफी टेढ़ी खीर है। खैर लश्कर का खात्मा करना है तो उसकी शुरुआत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से करनी होगी क्योंकि वहीं पर लश्कर के सबसे ज्यादा शिवर सक्रिय हैं। और वहां तक भारत का पहुंचना नामुमकिन सा है, क्योंकि वहां पाकिस्तान का राज चलता है।
अब अमेरिका संग मिलकर भारत ऐसी कौन सी चाल चलेगा कि पाकिस्तान में मौजूद लश्कर के आतंकियों का खात्मा हो सके। सच पूछिए तो इसके लिए अमेरिका द्वारा पाकिस्तान पर दबाव बनाया जाना बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि अमेरिकी रक्षामंत्रालय पेंटागन के एक शीर्ष कमांडर ने कहा है कि अमेरिकी सैन्य बल पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्करे तैयबा पर नकेल कसने के लिये दक्षिण एशिया क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है जिसने मुंबई में 26-11 के आतंकवादी हमले को अंजाम दिया था।
अमेरिका के प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल राबर्ट विलार्ड ने हवाई के होनोलुलु में संवाददाताओं से कहा कि दक्षिण एशिया में भारत के चारों तरफ प्रशांत कमान का प्रयास मुंबई पर आतंकवादी हमला करने वाले लश्करे तैयबा पर नकेल कसनी है। उन्होंने कहा कि हम अपने सहयोगी देशों नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि वे अपने बूते इस आतंकवादी संगठन से निपट सकें।
भारत की सेना को इस क्षेत्र में सबसे प्रभावी सेना करार देते हुए अमेरिकी कमांडर ने कहा कि हमारे संबंध अब मजबूत हैं और लगातार बढ़ रहे हैं। एडमिरल ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सैनिक हिंसात्मक अतिवाद और अन्य अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटना जारी रखेंगे और आने वाले समय में भारत और अन्य सहयोगियों के साथ भागीदारी बनाये रखेंगे।












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