मुलायम से नाराज हुए सपा के कई नेता

घोषित प्रत्याशियों ने क्षेत्र में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था लेकिन नेतृत्व ने घोषित प्रत्याशियों को बदल दिया। यह सिलसिला अभी भी जारी है। कई माह तक क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने के बाद अचानक टिकट कटने से सपा नेताओं में काफी नाराजगी है। इन नेताओं की नाराजगी इस बात को भी लेकर है कि टिकट कटने के बाद जब उन्होंने नेतृत्व से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए तो उन्हें सुना नहीं गया। टिकट कटने से नाराज इन प्रत्याशियों का कहना है कि कई माह पहले टिकट मिलने पर उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था।
पीलीभीत से अशोक गंगवार जिन्हें गत अगस्त माह में जिले की बरखेड़ा सीट से प्रत्याशी बनाया गया था, सपा नेतृत्व ने उनका टिकट काट दिया। काफी मिन्नतों के बाद उन्हें बीलसपुर से प्रत्याशी बनाया गया। उनकी नाराजगी है कि वह पूर्व घोषित क्षेत्र में काफी चुनाव प्रचार कर चुके थे अब नये क्षेत्र के लिए उन्हें दुबारा मेहनत करनी होगी। अशोक गंगवार को जहां दूसरी जगह से टिकट मिल गया वहीं वाराणसी की अजगरा सीट से टिकट कटने के बाद भैयालाल कनौजिया को चुनावी मैदान से ही बाहर होना पड़ा। नेतृत्व का निर्णय इन्हें बहुत अखर रहा हैै। इनका कहना है कि अपने क्षेत्र में इन्होंने जोरों पर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था।
वहीं बिजनौर जिले की नजीबाबाद सीट से शेख आबिद को जहां सबसे पहले प्रत्याशी बनाया गया था, इसी माह उनका टिकट कट गया। सपा नेतृत्व के इस फैसले से इन नेताओं का खफा होना लाजिमी है लेकिन इन नेताओं की नाराजगी में बगावत की बू आनी भी शुरू हो गयी है। सूत्र बताते हैं कि इन बगावती तेवरों पार्टी के ही कुछ वरिष्ठi नेताओं का समर्थन मिल रहा है क्योंकि पार्टी के यह वरिष्ठi नेता आलाकमान के इस फैसले को सही नहीं मान रहे हैं।












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