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ऐसा ही रहा तो एक दिन गिर जाएगा लखनऊ का रूमी गेट

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Historical Roomi Darwaza
लखनऊ। जिस तरह प्रशासनिक लापरवाही के चलते ऐतिहासिक छतर मंजिल का एक बड़ा हिस्सा गिर गया, उसी तरह दर्जनों अन्य इमारतों पर भी संकट के बादल मडरा रहे हैं। रूमी गेट हो, या आसिफी मस्जिद, जनाबे आलिया का मकबरा या फिर दर्शन विलास इन सभी को वक्त के थपेड़ों ने कमजोर कर दिया है। पुरातत्व विभाग व जिला प्रशासन को आपसी झगड़ो से ही फुर्सत नहीं कि वह ऐतिहासिक धरोहरों की ओर भी कुछ ध्यान दे सकें। ऐसा ही चला तो ऐतिसाहिक रूमी गेट एक दिन धराशायी हो जायेगा।

नवाबी शहर लखनऊ के नवाब सआदत अली खां ने अपनी मां छतर कुंवर की याद में छतर मंजिल की तामीर करवार्ई। हाल में छतर मंजिल में नवाबी दौर की नायाब चीजों को सहेजने के लिए एक म्यूजियम बनाने की बात चल रही थी लेकिन मंगलवार को इस ऐतिसासिक इमारत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। इस इमारत के गिरने के लखनऊ की नायाब धरोहर का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई नहीं की जा सकती लेकिन, अफसोस इस बात है कि धरोहर को सहेजने का जिम्मा जिन कंधों पर हैं, वह इससे बेखबर हैं। विभागीय अधिकारी एक-दूसरे पर दोषारोपण कर अपने को बचा लेते हैं, पर इन धरोहरों को बचाने की कोशिश नहीं की जाती।

लखनऊ की पहचान रूमी दरवाजा हो या लक्खी दरवाजा, इनके वजूद पर भी खतरा मडरा रहा है। रूमी गेट के ऊपरी हिस्से पर कई जगह दरारें पड़ गयी हैं। इसक कई कंगूरे टूट गये हैं। इस वजह से गेट की स्थिति अत्यन्त जर्जर है। आंशका जतायी जा रही है कि यदि जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो यह अमूल्य धरोहर नष्टi हो जायेगी। वहीं बड़ा इमामबाड़ा स्थित आसिफी मसजिद की नींव भी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है।

नवाब सआदत अली खां की मां की याद में बना जनाबे आलिया के मकबरे की दीवारें भी जर्जर हो चुकी हैं। इस मकबरे की विशेषता यह है कि इनके पगड़ीदार गुम्बद हैं। इसके नयाब गुम्बद पूरे हिन्दुस्तान में खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। अपनी प्रियतमा की याद में नवाब नसीरूद्दीन हैदर द्वारा बनवाये गये दर्शन विलास की भी हालत जर्जर है। वहीं मिसरी की बगिया का मछली दरवाजा भी जर्जरता की कहानी बयां कर रहा है इसके दरवाजे पर बनी मछली की नक्काशी शहर के अन्य दरवाजों से अलग है। स्थिति यह है कि अब इस नक्काशी के निशान मिटते जा रहे हैं। कुल मिलाकर यदि इन धरोहरों पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह धरोहरें सिर्फ किताबों के पन्नों में ही दफन होकर रह जायेंगी।

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English summary
The Roomi Darwaza of Lucknow is now in danger as Archeological Survey of India is not taking very much care of it.
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