बढ़ रहा है मायावती के भ्रष्‍टतंत्र का मायाजाल

Uttar Pradesh Chief Minister Mayawati
लखनऊ। मायावती सरकार के मंत्रिमंडल को भ्रष्टाचार की दीमक चट कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध में लिप्त रहने वाले कई मंत्रियों के हटाने के बाद भी अभी कई भ्रष्ट और हैं। भ्रष्टाचारियों की बढ़ती फेहरिस्त से मायावती का कुनबा सिमटता जा रहा है। माया मंत्रिमंडल में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले मंत्रियों और विधायकों की संख्‍या अभी भी इतनी ज्यादा है कि उन्हें उंगलियों पर नहीं गिना जा सकता।

एक-एक कर एक दर्जन से ज्यादा मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद अभी भी हत्या और हत्या के प्रयास वाले मुकदमें में शामिल मंत्रियों की सं या काफी ज्यादा है। लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद चार मंत्रियों को हटाने के बाद कुछ और मंत्रियों के खिलाफ जांच चल रही है। माया सरकार में शामिल नौ मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद मु यमंत्री मायावती ने मंत्री राजेश त्रिपाठी, अवधपाल ङ्क्षसह यादव, बादशाह ङ्क्षसह और रंगनाथ मिश्र को उनके पद से हटा दिया है।

अंबेडकर ग्राम्‍य विकास मंत्री रतन लाल अहिरवार के खिलाफ मिली शिकायत को लोकायुक्त ने सही माना है। ऊर्जा मत्रीं रामवीर उपाध्याय के खिलाफ भी करोड़ो रूपये की संपत्ति अर्जित करने, विधायक निधि का दुरूपयोग और अपहरण के मामले की लोकायुक्त जांच चल रही है। कृषि मंत्री लक्ष्मी नारायण के खिलाफ हत्या के षडयंत्र का मुकदमा चल रहा है। मंत्रीमंडल में ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन पर हत्या और हत्या के प्रयास के मुकदमें दर्ज हैं।

मुख्‍यमंत्री के सामने परेशानी यह है कि यदि वह ऐसे मंत्रियों को हटाना शुरू कर दें तो सरकार मंत्रिमंडल विहीन हो सकता है।मायावती सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दकी पर पहले से ही आपराधिक मामला दर्ज है। नेशनल इलेक्शन वाच की रिपोर्ट के अनुसार खाद्य रसद मंत्री राम प्रसाद चौधरी पर हत्या और हत्या के प्रयास के दो मामले हैं, वह मायावती की पिछली सरकार में भी मंत्रीं थे। ग्रा य विकास मंत्री दद्दू प्रसाद पर भी डकैतों को संरक्षण देने का मामला दर्ज है।

मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य लालजी वर्मा, धरमराज निषाद, रामअचल राजभर, ठाकुर जयवीर सिंह पर अगवा करने, सरकारी काम में बाधा डालने हथियारों से चोट पहुंचाने के मुकदमें हैं। सरकार के गठन के बाद आधा दर्जन ऐसे मंत्रियों के नाम सामने आये जिन्होंनें हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों को अंजाम दिया। शेखर तिवारी और आनंद सेन जैसे मंत्रियों को तो इस मामले में जेल भी जाना पड़ा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+