एमसीडी बंटवारे को दिल्ली सरकार बुलाएगी विशेष सत्र

सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने विभाजन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। केवल विधि मंत्रालय में कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी होनी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सप्ताह फाइल दिल्ली सचिवालय आ जाएगी। इसके बाद इसे विधानसभा में पास कराने की जरूरत होगी। हालांकि सूत्रों ने आशा जतायी कि यह औपचारिकता भी जल्द ही पूरी हो जाएगी। वैसे सत्र अब आहूत किया जाएगा इसके बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है पर कयास लगाया जा रहा है कि अगले सप्ताह होने वाली दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में फैसला ले लिया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि इस मामले को दिल्ली सरकार तो हर हाल में अक्टूबर में ही निपटा लेनी चाहती थी। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि अधिकारियों को मालूम है कि विभाजन की अधिसूचना, नगर निगम चुनावों की अधिसूचना से कम से कम तीन-चार महीने पहले जारी हो जानी चाहिए। क्योंकि दिल्ली चुनाव आयोग को भी इस मामले में सभी राजनीतिक दलों को अलग-अलग बुलाकर बातचीत करनी है, सीटों के आरक्षण का खाका तैयार करना है। चुनाव आयोग के स्तर पर और भी तैयारियां होनी हैं।
सूत्रों ने बताया कि विभाजन की अधिसूचना जितनी जल्दी जारी होगी, चुनाव आयोग को अगले साल मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित निगम चुनावों को तीन निगमों में बांटकर कराने में उतनी ही सुविधा होगी। इसीलिए केंद्र से फाइल वापस आने के बाद दिल्ली सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने में जरा भी देरी नहीं करेगी।












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