'पेट्रोल बम' से नाराज ममता लेकिन यूपीए के साथ
कोलकाता।
पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से नाराज यूपीए की घटक दल तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सरकार से नाराजगी से नाराजगी के बावजूद समर्थन वापस ने लेने का फैसला लिया है। यूपीए सरकार ने पेट्रोल की कीमतें रुपए 1.82 प्रति लीटर बढ़ा दी थी। जिस पर विचार विमर्श करने के लिए ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपने मंत्रियों संग बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद सरकार को ममता बनर्जी ने चेताया जरूर लेकिन गठबंधन में बने रहने का फैसला किया। id="toptextpromo">ममता
बनर्जी पहले ही सरकार द्वारा बार-बार महंगाई बढ़ाने के फैसलों के खिलाफ आवाज तेज करती रही हैं। इस बार जब पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए तो ममता बनर्जी ने इसका खुलकर विरोध किया था। यूपीए सरकार के दाम बढ़ाने के फैसले पर उन्होंने कहा था कि अगर महंगाई इस तरह बढ़ती रही तो यूपीए का साथ देना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा ममता बनर्जी इस बात से भी खफा हैं कि यूपीए की प्रमुख पार्टी कांग्रेस अन्य घटक दलों से विचार-विमर्श किए बिना महंगाई के मुद्दे पर निर्णय लेती है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>कांग्रेस
के बाद तृणमूल कांग्रेस यूपीए सरकार में सबसे बड़ी पार्टी है। ममता बनर्जी ने कई मौकों पर सरकार को अपनी ताकत का अहसास भी कराया है। इस बार फिर ममता बनर्जी ने पेट्रोल के दाम बढ़ाने के सरकार के फैसले का विरोध कर जनता का विश्वास हासिल करने की कोशिश की है। अपने ही घटक दलों का विरोध झेल रही यूपीए की भी इस मामले में किरकिरी हुई है। अब देखना है कि पेट्रोल के बढ़े दाम यूपीए सरकार में फैली आग को कितना और फैलाता है।











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