लोकायुक्त को खलने लगी कर्मचारियों की कमीं

इस कार्रवाई के बाद लोकायुक्त संगठन की विश्वसनीयता इतनी बढ़ गयी है कि हर रोज बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही है। लोकायुक्त कार्यालय में अचानक इतनी शिकायतों के मिलने के बाद स्टाफ की कमी महसूस की जा रही है और कार्रवाई मुश्किल होती जा रही है। प्रदेश के लोकायुक्त ने बुधवार को एक और मंत्री रतन लाल अहिरवार को भ्रष्टाचार व आय से अधिक स पति के मामले में नोटिस जारी की। अंबेडकर ग्राम विकास विभाग मंत्री अहिरवार को 14 नवंबर तक जबाव देने के लिए कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार लोकायुक्त कार्यालय में प्रतिदिन 25 से 30 शिकायतें मिल रही है जिसमें मंत्रियों व अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच की मांग की गयी है। लोकायुक्त कार्यालय के अनुसार किसी-किसी दिन तो शिकायतों की सं या 80 तक पहुंच जाती है जिन पर तुरन्त कार्रवाई स्टाफ की कमी की वजह से मुश्किल हो जाती है। फिलहाल लोकायुक्त कार्यालय में प्रदेश के उर्जामंत्री रामवीर उपाध्याय, संसदीय कार्यमंत्री लालजी वर्मा, कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, उद्यानमंत्री नारायण ङ्क्षसह तथा खेल मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों की जांच चल रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री मायावती लोकायुक्त जांच में दोषी पाये गये चार मंत्रियों राजेश त्रिपाठी, अवधपाल यादव, रंगनाथ मिश्र तथा बादशाह सिंह को मंत्री पद से हटा चुकी है। चार मंत्रियों को हटाये जाने के बाद ही अनेक मंत्रियों व वरिष्ठ नौकरशाहों के खिलाफ शिकायतें नियमित रुप से की जा रही हैं। सूत्रों का कहना है कि लोकायुक्त कार्यालय से स्टाफ की कमी के बारे में मुख्यमंत्री व राज्यपाल को अनेक पत्र लिखे जा चुके हैं। इन पत्रों में स्टाफ बढ़ाने के अलावा किसी जांच एजेंसी को लोकायुक्त कार्यालय से संबद्ध करने की भी मांग की गयी है।












Click it and Unblock the Notifications