बिल वसूल करने के लिए बीएसएनएल रखेगा रिकवरी एजेंट

BSNL to recruit recovery agents
दिल्ली (ब्यूरो)। बीएसएनएल और एमटीएनएल ने मोबाइल बिल की रिकवरी के लिए रिकवरी एजेंट रखने का फैसला किया है। इन दोनों सरकारी कंपनियों को भरोसा है कि अगर वसूली थोड़ी भी हो गई तो बड़ा फर्क पड़ेगा। यह अलग बात है कि बीएसएनएल के बिलों में गड़बड़ी के कारण उपभोक्ता परेशान रहते हैं। अनाश शनाप बिल के कारण हजारों लोग बीएसएनएल की सेवा बंद कर दूसरी टेलीकाम कंपनी की शरण में चले जाते हैं।

दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का लगभग पांच हजार करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान बकाया है। इसमें बीएसएनएल का दिल्ली और मुंबई को छोड़कर देशभर में लगभग 4200 करोड़ रुपये और एमटीएनल का इन दोनों महानगरों में 800 करोड़ रुपये का बकाया है। बीएसएनएल जहां रिकवरी एजेंट की नियुक्ति करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। वहीं एमटीएनएल ने रिकवरी एजेंट की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बीएसएनएल के एक अधिकारी ने बताया कि बिलों का भुगतान इसलिए आसमान छू रहा है, क्योंकि ग्राहक दो सिम कार्ड रखते हैं या फिर जिस पते के आधार पर सिम कार्ड खरीदते हैं, उसे बदल लेते हैं। बीएसएनएल को 2010-11 में छह हजार करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा है। वहीं एमटीएनएल का घाटा 2800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। एमटीएनएल ने आवेदन के लिए नोटिस जारी कर दिया है। रिकवरी एजेंट को वसूली की रकम के आधार पर भुगतान दिया जाएगा। एक साल का करार होगा, जो दो साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। एमटीएनएल के नोटिस के मुताबिक रिकवरी एजेंट को एक महीने में न्यूनतम एक लाख रुपये तक वसूलना अनिवार्य होगा।

अब देखना है सरकार के लिए बोझ बन चुकीं ये दोनों कंपनियां कितना रिकवरी कर पाती हैं। सबसे हैरत की बात यह है कि बाकी कंपनियों का फंडा इतना साफ है कि उसमें पैसा डूबने का कोई सवाल ही नहीं है। बिल का पैसा न जमा होते ही फोन कट जाता है। बीएसएनएल की माया ही गजब की है न तो फोन कटता है न गलत बिल का सिलसिला रुकता है। बीएसएन एल में फोन कटवाना कितना जटिल काम है, इसे हर कोई जानता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+