20 साल पुराने ट्रैक पर दौड़ती है कालका मेल

ज्ञात हो कि शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब सफियाबाद रेलवे फाटक के पास कालका से हावड़ा जा रही कालका मेल की तीन बोगियां पटरी से उतर गई थीं। हालांकि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन एक किलोमीटर तक पटरी के क्षतिग्रस्त हो जाने से ट्रैक की मजबूती पर सवालिया निशान लग गया है। हम आपको यह भी बता दें कि करीब तीन माह पूर्व इसी ट्रैक पर पानीपत में स्वराज एक्सप्रेस की बोगियां भी पटरी से उतर गई थीं। उस समय दिल्ली मंडल के निर्देश पर वह ट्रैक बदलने का काम किया गया, जो काफी पुराना हो चुका था।
रेलवे मानकों के अनुसार दस वर्ष से अधिक पुराने ट्रैक पर ट्रेन चलाना काफी खतरनाक है। ट्रैक की मरम्मत करके उसकी कमियों को दूर किया जा सकता है, उसमें नए ट्रैक की तरह मजबूती नहीं लाई जा सकती। सूत्रों की मानें तो दिल्ली-पानीपत के बीच कई स्थानों पर ट्रैक का काफी हिस्सा करीब 20 वर्ष पुराना है। हादसे के बाद ट्रैक के 20 वर्ष पुराना होने का डाटा भी जांच के दायरे में है।












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