भाजपा के कार्यकारिणी सम्मेलन में दिखी अंदरूनी कलह

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा समझाया कि विधानसभा चुनाव को चुनौती के रुप में लेना है। पिछले दो चुनाव में पार्टी सफल नहीं रही है अब एकजुट होकर यह कोशिश करनी होगी कि इस बार हमारी सरकार बने। श्री सिंह ने कहा कि केवल बहुजन समाज पार्टी की नकारात्मकता पर ही चुनाव नहीं लडऩा है बल्कि कुछ बुनियादी मुद्दों को खड़ा कर चुनाव में जाना है।
राजनाथ ने अन्य दलों की आलोचना करते हुए कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने नैतिकता के आधार पर शासन नहीं किया है केवल अपनी चिन्ता की है, प्रदेश को गर्त में पहुंचा दिया है। कांग्रेस ने देश में करीब 54 साल शासन किया है। कांग्रेस शासन के दौरान केवल भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिला। दिग्विजय सिंह का नाम लिए बगैर भाजपा नेता ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों का मनोबल गिराने का काम कांग्रेस महासचिव कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी मुहिम चलाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का समर्थन है, भाजपा ने भी समर्थन दिया है लेकिन वह सक्रिय समर्थन नहीं है। राजनाथ ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार बन रही थी तो सपा व बसपा ने लिखित समर्थन दिया था महंगाई जैसे मुद्दों पर भी यह दोनों दल कांग्रेस का साथ दे रहे हैं। वहीं भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष की सुगबुहाट पर सिंह ने कहा कि टिकट नहीं मिलने पर जो भी विद्रोह की बात करे उसे निकाल बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता एक-दूसरे की खिंचाई नहीं करें और एकजुट होकर पार्टी को सत्ता में लायें।












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